Klemen Pisk

poet, writer, translator and musician

Poem in Hindi

द हर्मिट एण्ड द वुल्फ़

केकडे ने रेत में लकीर खींची और कहा:
‘तुम इस लकीर को पार नहीं कर सकते.’
फिर उसने एक वृत्त बनाया और कहा:
‘तुम्हे इस वृत्त के अंदर रहना होगा.
तुम उसे पार कर सकते हो लेकिन लकीर से उपर नहीं’.
फिर तूफ़ान आया और लकीर अद्रश्य हो गई.
भेडिया वृत्त में खडा था.
सर्दी और बरसात से वह थक गया था, लेकिन वह अपनी जगह पर डटा रहा.
उसे पता नहीं था कि अभी भी लकीर रही है या नहीं,
जब कि लकीर रेत पर कभी भी खींची हुई नहीं थी.

Translated into Hindi by Nehal Mehta

तपस्वी और भेड़िया

एक तपस्वी ने रेत पर एक लकीर खीची और कहा:
“तुम इस रेखा को पार नहीं करोगे.”
फिर उसने एक गोला घेरा और बोला:
“तुम इस घेरे के अंदर ही रहना.
घेरे को तो पार कर सकते हो पर रेखा को कभी नहीं.”
फिर तुफान आया और लकीर गायब हो गई.
एक भेड़िया उस घेरे में खड़ा था.
जाड़े ने उसे ठिठुराया, बरसात ने गिलाया, पर वह डिगा नहीं.
वह नहीं जानता कि वह रेखा अब अस्तित्व भी रखती है,
जब कि वह रेत पर नहीं खीची दिखती.

Translated into Hindi by Prabhas Ranjan